Halaman

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Mat puchho main kyu hu udas

 मत पूछो आज में क्यूं हूं उदास

पता नहीं क्यों रुक गई है मेरी सांस

अपने दिल में बसाया था जिसे हमने

छोड़ दी है उसने अब मेरा साथ

मत पूछो में क्यों हूं उदास।

पल पल हर पल मै थी वो मेरे साथ

उसके साथ ही शुरू होती थी मेरी बात

बस उनके ख़यालो में खोए रहते थे हम

उनके साथ ही जुड़े थे मेरे हर जज्बात।

पता नहीं क्यों उन्हें नहीं था मेरे प्यार पे विश्वास

मत पूछो मैं क्यों हूं आज उदास।

इस दिल के टूटने की ना सुनी उसने आवाज़

फिर भी ये दिल उससे प्यार करने से नहीं आया वाज

मुझसे ज्यादा कोई ना चाहेगा कभी उन्हें

याद आऊंगा जरूर मैं,उन्हें मरने के बाद

जिन्दा रहने की भी छोड़ दो मुझसे अब आस

मत पूछो मैं क्यों हूं आज उदास।

वो चली गईं अब मेरी जहां से

जैसे सांसे जुदा हो गई मेरी जां से

अब छोड़ दी है मैंने  उसकी इबादत करना

पर ए खुदा वो जहां भी रहे तू उसकी हिफाजत करना।

उनके बिना सीख लिया मैंने जीना जनाब

मत पूछो मैं क्यों हूं आज उदास।

Sad rishant


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