Halaman

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shayari to propose a boy

नज़रे तुम्हारी वावाल करती है
बिन बोले ही सौ सवाल करती है
तुम्हारे तो पहले ही हम कायल थे
अब तो तेरी हर एक अदा बुरा हाल करती है।

तुम तो अब बन गए अब अरमान मेरे
तेरे साथ ही लूंगा जीवन के सातों फेरे
तुम्हे अपनी बाहों में हमेशा बसाकर रखूंगा
अब सारे दुख दर्द तुम्हारे अपने नाम कर लूंगा।

ये चांद भी अब तेरा टुकड़ा लगता है
दिल खुश हो जाता है जब तेरा ये मुखड़ा दिखता है
ये अब गुलाम हो गया है तेरा
बस तेरे लिए ही नगमे लिखता है।

अब तू ही बन गई आखिरी मंज़िल है
सीने में धड़कता तू ही वो दिल है
तेरे सिवा सुना है जहां मेरा
अब बिन तेरे जीना मुश्किल है।

shayari to introduce myself

Rishant

Nazre hindi shayari

shayari to propose a boy

नज़रे तुम्हारी वावाल करती है
बिन बोले ही सौ सवाल करती है
तुम्हारे तो पहले ही हम कायल थे
अब तो तेरी हर एक अदा बुरा हाल करती है।

तुम तो अब बन गए अब अरमान मेरे
तेरे साथ ही लूंगा जीवन के सातों फेरे
तुम्हे अपनी बाहों में हमेशा बसाकर रखूंगा
अब सारे दुख दर्द तुम्हारे अपने नाम कर लूंगा।

ये चांद भी अब तेरा टुकड़ा लगता है
दिल खुश हो जाता है जब तेरा ये मुखड़ा दिखता है
ये अब गुलाम हो गया है तेरा
बस तेरे लिए ही नगमे लिखता है।

अब तू ही बन गई आखिरी मंज़िल है
सीने में धड़कता तू ही वो दिल है
तेरे सिवा सुना है जहां मेरा
अब बिन तेरे जीना मुश्किल है।

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Rishant

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